Surya Namaskar

सूर्य नमस्कार एक ऐसा आसन जिसको सभी को करना चाहिए। इस एक आसन में 12 आसन होते हैं। इसको सुबह -सुबह सूर्य निकलने के साथ करना अति फल दायक होता है। इसमें 12 पोजीशन होती है और हर पोजीशन के लिए मन्त्र भी है।

चलिए सीखतें हैं।

 प्रणामासन (पहली पोजीशन) –

   पहली अवस्था में सावधान की स्थिति में खड़े होकर हाँथ जोड़ कर खड़े हो जाए तथा शरीर का भार दोनो पैरो पर समान रूप से हो। इस  अवस्था में सूर्य को प्रणाम करें और धीरे-धीरे साँस छोड़े।

Surya Namaskar
1st Position

हस्त उत्तानासन (दूसरी पोजीशन) –

दूसरी अवस्था में साँस लेते हुए सर के ऊपर हाथ लायें ,और शरीर को कमान की तरह पीछे ले जाए और दोनों टांगे सीधी करें

Surya Namaskar
2nd Position

उत्तानासन (तीसरी पोजीशन)-

तीसरी पोजीशन इस स्थिति मे साँस निकालते हुए आगे झुकिए और हाथों का दबाव जमीन पर रखे हथेलियाँ दोनो पैरो के समानता में रखे –

Surya Namaskar
3rd Position

अश्व संचालनासन (चौथी पोजीशन) –

चौथी पोजीशन में साँस खीचते हुए एक पैर पीछे ले जायें ,घुटना जमीन पर लगाकर शरीर को कमान की तरह पीछे ले जाए तथा ठोड़ी को ऊपर ले जाए-

Surya Namaskar
IVth Position

चतुरंग दंडासन (पाँचवी पोजीशन ) –

पांचवी पोजीशन – इस स्थिति मे साँस रोक कर दूसरा पैर पीछे ले जाए शरीर  का सारा भार हथेलियों व टांगो पर दे

Surya Namaskar
5th Position

 अष्टांग नमस्कार (छठी पोजीशन) –

छठी अवस्था इस स्थिति  में   साँस निकालते हुए घुटने जमीन पर लाये 

Surya Namaskar
6th Position

भुजंगासन (सातवीं पोजीशन)

इस अवस्था में साँस खींचते हुए अपने बैक को ननीचे लाएं और दोनों पंजो को जोड़ कर पीछे की ओर फैला दें। फिर दोनों हांथो को सीधे रखते हुए शरीर को कमान की तरह पीछे की और मोड़ लें ,आपके कंधे नीचे की ओर दबाकर रखें और निगाहें पीछे की और रहें

Surya Namaskar
7th Position

अधोमुक्त श्वानासन (आठवीं पोजीशन) –

इस अवस्था में साँस निकालते हुए पैरो के पंजे अंदर की ओर दबायें और बैक को ऊपर उठायें , कोहनी और सर को नीचे झुकाते हुए कंधे पीछे की ओर दबायें

Surya Namaskar
8th Position

अश्व संचालनासन (नवीं पोजीशन)

इस स्तिथि में साँस खींचते हुए दायाँ या बायाँ पैर दोनों हाँथो के बीच में रखे और दूसरे पैर का घुटना जमीन पर टिका दें तथा सामने की और देखते हुए सूर्य को नमस्कार करें।

Surya Namaskar
9th Position

उत्तानासन (दसवीं पोजीशन)

इस अवस्था में साँस निकलते हुए दूसरा पैर भी आगे ले जाएं और कमर से सर तक का भाग नीचे की और झुका दें ,हाथो का दबाव जमीन पर रहे

Surya Namaskar
10th Position

 हस्त उत्तानासन (ग्यारवीं पोजीशन) –

इस अवस्था में साँस खींचते हुए दोनों हाँथ सर के पीछे कीओर ले जाएं और शरीर को कमान के समान तान दें

Surya Namaskar
11th Position

 प्रणामासन (बारवीं पोजीशन) –

इस पोजीशन में साँस निकालते हुए सावधान की स्तिथि में आ जायें ,दोनों हाँथ पैरों के समान्तर रहे तथा पंजे मिले हुए हों

Surya Namaskar
12th Position

सूर्य नमस्कार के लाभ

सूर्य नमस्कार करने के कई फायदे है जैसे –

  1. रेस्पिरेटरी सिस्टम में सुधार होता है।
  2. शरीर स्वस्थ और निरोगी रहता है।
  3. व्यक्ति का वजन कम होता है।
  4. शरीर फ्लेक्सिबल हो जाता है ।
  5. पाचन शक्ति मजबूत होती है।
  6. आप फ्रेश फील करते हो।
  7. पल्मोनरी फंक्शन में सुधार होता है
  8. एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है।

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