शतावर के लाभ

भारत मे हजारो वर्षो से शतावरी का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है।आज हम इस पोस्ट में शतावरी के गुण जानेगें।

शारीरक कमजोरी में शतावरी का उपयोग बहुत महत्वपूर्ण है ।ये शरीर की कमजोरी को दूर करती है।

शतावरी की 1 लता में 100 जड़े होती है इसीलिये इसे शतावरी कहते हैं ।इसके फूल का रंग सफेद होता है ।लता में छोटे-छोटे कांटे पाए जाते हैं।

ये जड़ें काफी लंबी और सफेद होती है।इसमें शतावर नाम का तत्व पाया जाता है ।

ये शरीर मे शुक्र यानी वीर्य को बढ़ाती है।ये कामोत्तेजक होती है जिसके फलस्वरूप ये शरीर मे काम उत्तेजना बढ़ाती है।

शतावर बच्चों को स्तन पान कराने वाली महिलाओं का दूध बढ़ाने में बहुत कारगर है।

ये शरीर के बढ़े हुए वात, पित्त और कफ को संतुलित करती है ।

ये कमजोर यहाँ तक कि बिस्तर पर पड़े हुये बीमार को भी चला देती है।

शतावर से बल, बुद्धि बढती है,इसकी खीर खाने से बल बढ़ता है ।इसके साथ चेहरे पे चमक आ जाती है ।इसका उयोग हम सबको करना चाहिये।

जिन लोगों का गला बैठ जाता है उनको शतावरी तथा गुलाब को शहद के साथ चाटने से गला एक दम सही हो जाता है।

भूख बढ़ाने में उपयोगी है।

शतावर के ताजे पत्तों का घी में साग बनाकर खाने से रतोंधी की बीमारी में लाभ मिलता है ।

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