Safed Dag @ Vitiligo

हाथ, चेहरा, पैर और होंठ पर पाये जाने वाले सफेद दाग या विटिलिगो एक मन को परेशान करने वाली बीमारी है।
बालों, पलकों, भौंहों या दाढ़ी के समय से पहले सफ़ेद होना।
सफेद दाग या विटिलिगो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है, लेकिन आमतौर पर यह 20 साल की उम्र से पहले दिखाई देता है।

शरीर के विभिन्न हिस्सों पर केवल एक तरफ सफेद दाग को सेगमेंटल विटिलिगो कहा जाता है।

एक या शरीर के कुछ क्षेत्रों पर सफेद दाग को।फोकल विटिलिगो कहते है।

सफेद दाग या विटिलिगो को आमतौर पर ‘ल्यूकोडर्मा’ के रूप में जाना जाता है, ये  त्वचा के रंग का नुकसान है जो त्वचा पर सफेद पैच को विकसित करता है। हमारी त्वचा पिगमेंट या  वर्णक मेलेनिन से अपना रंग प्राप्त करती है और मेलानोसाइट्स कोशिकाएं मेलेनिन का उत्पादन करती हैं।जब  इन कोशिकाओं को किसी भी तरह से नुकसान पहुँचता है तब  त्वचा पर सफ़ेद या हाइपो-पिगमेंटेड पैच पड़ता है।
ऑटोइम्यून रोग सफेद दाग का मुख्य कारण है। उनको  सफेद दाग की प्रॉब्लम हो जाती है जिन्हें ऑटो इम्यून रोग होते हैं,पर विटिलिगो गैर-संक्रामक है ,इसलिए डरने की बात नही है ये बस एक प्रकार की स्किन प्रॉब्लम है जो कि पिगमेंट के कारण हो जाती है

जब वर्णक उत्पादक कोशिकाएं मर जाती हैं, तो वे विटिलिगो का कारण बनती हैं। इन कोशिकाओं के मरने का सही कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार विरुद्ध आहार करने से वर्णक उत्पादक कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं।

आनुवंशिकता को भी विटिलिगो का कारण माना जा सकता है। जिन बच्चों के माता-पिता विटिलिगो से पीड़ित हैं और ऑटोइम्यून बीमारियों से जुड़े हैं, उन्हें बीमारी होने की अधिक संभावना है।

कुछ स्थितियों जैसे कि सनबर्न, तनाव या औद्योगिक रसायनों के संपर्क में आने से विटिलिगो हो सकता है।

विटिलिगो को उत्तेजित करने वाले कुछ कारक विटामिन बी 12, फोलेट, कॉपर और जिंक की कमी हैं।
सफेद दाग से सामाजिक या मनोवैज्ञानिक संकट , हो सकता है ।
सफेद दाग या विटिलिगो से सनबर्न और त्वचा कैंसर,  हो सकता है ।
इससे नेत्र से जुडी समस्याएं, जैसे कि आईरिस की सूजन (इरिटिस) हो जाती है।

  विटिलिगो  संक्रामक नहीं है और व्यक्तिगत वस्तुओं (पीने की बोतल, तौलिए) को छूने, लार, साँस , रक्त, संभोग या साझा करने से नहीं फैलता है।

गलत खाद्य पदार्थों तथा विरुद्ध आहार  लेने से विटिलिगो  हो सकता है ।
कई लोग मानते हैं कि विटिलिगो मछली खाने के बाद शीघ्र ही दूध पीने के कारण हो सकता है।

कई लोग मानते हैं कि खट्टे फल जैसे खट्टे खाद्य पदार्थ खाने से सफेद दाग हो जाते हैं । वास्तव में, कई अध्ययनों से पता चला है कि फोलिक एसिड, एस्कॉर्बिक एसिड, लिपोइक एसिड और विटामिन बी 12 जैसे एंटीऑक्सिडेंट विटिलिगो को ठीक करने के लिए फोटोथेरेपी की प्रभावशीलता को बढ़ाते हैं।

कुछ लोगो का मानना है कि विटिलिगो को ठीक नहीं किया जा सकता है ये बिल्कुल ग़लत है ,विटिलिगो को ठीक किया जा सकता है।

यह एक कॉस्मेटिक समस्या है और बिल्कुल खतरनाक नहीं है। यह किसी व्यक्ति के भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है लेकिन अगर ठीक से परामर्श प्रभावित व्यक्ति के आत्म मूल्य को ठीक कर सकता है।

causes of vitiligo

विटिलिगो का उपचार

इसका इलाज बहुत ही पेसेंस यानी शांती तथा धैर्य के साथ ही हो सकता है।

उपचार के दौरान बिलकुल भी परेशां ना रहें। कोई भी किसी प्रकार का तनाव न ले हमेशा खुश रहें।

दूध या दूध से बनी चीजे कम इस्तेमाल करिये हो सके तो बंद कर दीजिये इससे आपको बेहतर तथा शीघ्र परिणाम मिलेंगे।

खट्टी चीजे तथा विटामिन C युक्त फल या कोई भी आहार जिसमे खट्टापन हो या उसमे विटामिन C हो बिलकुल न खायें और न उनके बारे में सोंचे।

अचार ,तली-भुनी चीजे न खाएं। ज्यादा मसालेदार खाना सफ़ेद दाग के उपचार में बाधा उत्पन्न करता है

चीनी या मीठा बहुत कम उपयोग करें बिलकुल ना के बराबर

सफ़ेद दाग में साबुन का प्रयोग हफ्ते में एक या दो बार ही करें।

आप विटिलिगो के किसी भी लक्षण को देखते हैं, तो एक त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें। कई उपचार उपलब्ध हैं जो त्वचा के रंग को बहाल करने में मदद करते हैं। हालांकि, परिणाम भिन्न होते हैं और अप्रत्याशित होते हैं।

विटिलिगो की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, आपका डॉक्टर आपके लिए सही उपचार का सुझाव दे सकता है। उपचार धीमा है और विटिलिगो के इलाज में महीनों लग सकते हैं।

नोट :सफ़ेद दाग का कारगर इलाज परहेज है इसलिए ऊपर दिए गए तरीकों तथा उपायों का ध्यान से पालन करें।

दवा –

विटिलिगो के लिए कुछ होम्यापैथिक दवाएं उपलब्ध हैं ,जो कि सफ़ेद दाग में बहुत कारगर हैं-

  1. Arsenicum SULPH Flavum 3X या 6X
  2. Hydrocotyle Asiatica 30CH
  3. Tuberculinum 200C
  4. Calcarea Carbonica 30CH

नोट :उपरोक्त दवाई के साथ न भूलें कि Vitiligo या सफ़ेद दाग का कारगर इलाज परहेज है।

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