Room For Rent-लेने से पहले !

वर्तमान समय में हम लोगो को कभी न कभी कमरा किराये पर लेने कीआवश्यकता पड़ती है , जब हम पढ़ाई कर रहे होते हैं ,या कंही बाहर परीक्षा देनी हो , या कोई जब बीमार हो तब हमको किसी दूसरे शहर में कमरा किराये पर लेना पड़ता है।

अगर हम किसी जान-पहचान या अपने किसी रिश्तेदार के यँहा  कमरा लेते हैं तब तो कोई बात ही नहीं वँहा रहना ही है ,मगर जब हम कोई कमरा किराये पर ले तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। आज हम इस पोस्ट में इन्ही कुछ जरुरी बातों को जानेगें।

किराये पे रूम  लेने की जगह  –

                                                            किराये पर रूम  लेने से पहले सबसे पहले आप ये देखें की जँहा आप कमरा ले रहे हो उस जगह से आप का ऑफिस/स्कूल /कॉलेज या आपका डेस्टिनेशन कितनी दूर है। 

किराये पे रूम  लेने से पहले –

                                                           रूम  लेने से पहले जब आप मकान-मालिक से मिले तब सारी  बातें पहले ही क्लियर कर लें ताकि बाद में कोई दिक्कत न हो जैसे कि-

  • किराया कितना है। security  amount  है या नहीं ,और अगर  है तो कितना  security  amount देना पड़ेगा।  
  • एग्रीमेंट 11 महीने का बनवाएंगे या नहीं ?
  • बिजली की यूनिट कितने रूपये चार्ज करते हैं?
  • इन्वर्टर कनेक्शन है या नहीं। अगर है तो उसका चार्ज कितना होगा ?
  • पानी का बिल लेते हैं या नहीं ,लेते हैं तो कितना ?
  • पानी आने का समय , टुल्लु पंप यानी पानी का मोटर कितने बजे चलाते  हैं? 
  • टॉयलेट आपका सेप्रेट (separate ) है या बाकी  किरायदारों के साथ है।  
  • हो सके तो मकान मालिक की थोड़ी बहुत जानकारी आस -पास से ले लें। 

जब रूम  लेना फाइनल हो

                                                      जब आपकी सारी  बातें क्लियर हो जायें  और रूम  लेना फाइनल हो जाये। तब आप कमरे को देखने का मकान  मालिक से आग्रह करें।  और रूम  देखते वक्त आपको ध्यान देने वाली बातें –

  • कमरे में कितनी बिजली के स्विच बोर्ड हैं। 
  • कमरे में कितनी खिड़किया दरवाजे हैं। 
  • कमरे में मोबाइल के नेटवर्क आते हैं या नहीं। 
  • कमरे की कंडीशन चेक करे जैसे सीलन या कुछ टूटा-फूटा हो तो मकान  मालिक को बतायें। 
  • बाथरूम तथा टॉयलेट चेक करें। 
  • पीने  का पानी कँहा  से लेंगे सुनिश्चित करें। 
  • कपडे सुखाने  की जगह 
  • छत  पर जाने की परमिशन है या नहीं 

जब आप कमरा पूरी तरह से चेक कर लें तब आप मकान  मालिक को कमरे में शिफ्ट होने की डेट बता दें ,ताकि मकान  मालिक आपकी शिफ्टिंग डेट तक कमरा साफ सुथरा और अच्छी  कंडीशन में आपको दे। उसके बाद जो बाते  आपको ध्यान देनी है –

बिजली की रीडिंग 

              रूम  में सामान शिफ्ट करने के तुरंत बाद आप बिजली की रीडिंग चेक करें। और कितनी यूनिट रीडिंग है उसे डायरी  में नोट कर लें।

अपनी मीटर रीडिंग का ध्यान जरूर रखें।कंही-कंही देखा गया है कि  कुछ मकान-मालिकों के यँहा  मीटर की रीडिंग बहुत तेज चलती है, और अगर ऐसा हो तो आप तुरंत मकान मालिक को सूचित करें वो ना  माने  तो मैकेनिक को दिखवाएं अन्यथा आप शिकायत भी कर सकते हैं।

और इन्वर्टर कनेक्शन है तो उसका चार्ज तय करें और ये चेक करें की वो सही से काम करता है यानहीं। 

अपने आने जाने का टाइम बतायें –

 मकान -मालिक को अपने आने-जाने का समय जरूर बतायें।  ताकि वो आपके सही समय के अनुसार आपको कमरा देना है या नही इसका फैसला कर सके। 

फ्रेंड/मेहमान के आने -जाने के विषय में –

मकान-मालिकों को सबसे बड़ी प्रॉब्लम यही होती है कि  उनके किरायेदारों के रूम  पर कौन -कौन आता  है या जाता है।रिश्तेदार आकर रुक जाते हैं तो  पानी बिजली हर चीज पे फर्क पड़ता है जिससे मकान -मालिक के साथ किरायेदारों पर भी असर पड़ता है। 

       इसलिए इस बात का ध्यान रखें  कि  आप के रूम  पे लिमिटेड लोग ही आएं  ताकि मकान  मालिक को कोई दिक्कत न हो  

मकान  मलिक  की जानकारी 

                                                        जैसे  कि  कमरा लेते वक्त मकान मालिक किरायेदार से सवाल करता है कि  वो क्या करता है ?कँहा  का रहने वाला है? शाकाहारी है या मांसाहारी है, शराब पीता  है या नहीं ,दोस्त/रिश्तेदार  आएंगे? कितने आएंगे? आने जाने का टाइम और  ऐसे तमाम सवाल (question ) जो मकान  मालिक कमरा देते  समय पूछता है। हम उनके सारे  सवालों  के जब देते हैं।

जैसे वो हमारी पूरी जानकारी लेते है या करते हैं वैसे  ही  हमको भी अपने मकान  मालिक की पूरी जानकारी कर लेनी चाहिए। आइये जानते हैं  कमरा लेने से पहले या बाद में मकान-मालिक  जानकारी कैसे लें – 

मकान-मालिक की जानकारी या Enquiry  कैसे करें-

जैसा कि  हम अपने मकान-मालिक का ध्यान रखते हैं उसी प्रकार मकान-मालिक  फर्ज है कि वो हमारा ध्यान रखे और ठीक से व्यवहार करे। अपने मकान-मालिक की जानकारी लेने के लिए कुछ बातें –

  • मकान मालिक का नेचर कैसा  है
  • वो करता क्या है। 
  • मकान मालिक शराबी तो नहीं ,या  गाली-गलौज तो  नहीं करता।  
  • वो व्यवाहारिक है या नहीं 
  • उसका अपने पड़ोसियों और मोहल्ले वालो से कैसा व्यवहार है। 
  • वो ज्यादा बातूनी या डिस्टर्बिंग (disturbing ) तो नहीं है। 

आदि बाते  जो आपको जाननी हो डायरेक्टली या इन डायरेक्टली आप उनसे या मोहल्ले वालो से पता कर लें।

अगर आप मकान  मालिक की किसी हरकत से परेशान  है तो आप उसकी शिकायत भी कर सकते हैं।  

 

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