RO Water side effects

RO Water नहीं पीना चाहिए ,आपको RO वाटर और बोतल बंद पानी से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी होनी चाहिए WHO यानी वर्ल्ड हेल्थ organization के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार RO वाला पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। क्योंकि इनमे जरुरी पोषक तत्व और खनिज तत्व नहीं होते। why क्यों नहीं होते हैं ?आइए जानते हैं-

Side-effect of RO Water

RO Waterसे होने वाले नुकसान

Reverse Osmosis यानी RO जिसका मतलब गंदे पानी को साफ करने का एक प्रोसेस होता है। RO का प्रोसेस ,समुंद्र के गंदे पानी को साफ करके पीने योग्य बनाने के लिये की हुआ था।

TDS Level

इससे साफ किये गए पानी का TDS लेवल शून्य (0 ) हो जाता है। TDS मतलब total dissolve solid , जिसका मतलब पानी में घुले कणो की की संख्या होती है।

इसमें अच्छे कण और बुरे कण भी होते हैं ,अच्छे कण खनिज लवण यानी सोडियम ,पोटेशियम ,मेगनेशियम ,कैल्शियम ,आयरन और आयोडीन बहुत से ऐसे मिनरल होते हैं।ये मिनरल्स हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी होते हैं ,जोकि RO द्वारा पानी शुद्ध करने की प्रक्रिया में नष्ट हो जाते हैं।

RO वाटर में मिनरल्स नष्ट हो जाते हैं जोकि हमारे शरीर स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी होते हैं।इससे होता ये है कि हमारे शरीर में खनिज लवणों व मिनरल्स की कमी हो जाती है।

जिसके(Thats Why) फलस्वरूप हड्डियां कमजोर हो जाती है,और माँसपेशियों में ऐठन होने लगती है। हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि कैल्शियम और मेगनसियम की कमी हो जाती है। RO वाटर अधिक पीने से cancer का भी ख़तरा बढ़ जाता है

RO water अम्लीय होता है ,जोकि हमारी सेहत के लिए हानिकारक होता है । RO से साफ किये हुए पानी का Ph लेवल 5 से 6 के बीच में होता है। जबकि पानी का Ph लेवल 7 होना चाहिए।

RO वाटर लगवाने से पहले हमको पानी का TDS लेवल पता कर लेना चाहिए।अगर (if) पानी का TDS लेवल 700 या 750 से ज्यादा है तो आप RO लगवा सकते हैं ,पर अगर TDS लेवल 700 से कम है तो ये पानी पीने योग्य है। यहाँ पर आप क्लोरीन वाला फिलटर लगा सकते हैं क्लोरीन से बुरे बैक्टीरिया और सूक्ष्म जीव मर जाते हैं।

तो दोस्तों RO वाटर का इस्तेमाल ऐसी जगह करना चाहिए या यूँ कहें कि वँहा लगवाना चाहिए जहाँ पानी का TDS लेवल 700 या 750 से ज्यादा होता है ।

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