Paschimottanasana :पश्चिमोत्तानासन

अगर हमको अपने शरीर को ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों से बचाना है तो हमे Paschimottan-Asana नियमित रूप से करना चाहिए। ये आसन हमारे शरीर को पूरा Stretch कर देता है। आज हम इसको करने के तथा इससे होने वाले लाभों के बारें में जानेंगे । 

पश्चिमोत्तानासन करने का तरीका

इसको 4 स्टेप में complete किया जाता है चलिए शुरू करते हैं –

First Step –

जमीन पर  बैठ कर साँस लेते हुए ,दोनों हाथ सर के ऊपर उठा ले और जितना  मुमकिन हो  उतना हाथो को उठा ले ,इस अवस्था में पैर के पंजो का रुख ऊपर की ओर रखना चाहिए।

Paschimottan-Asana- Ist
First Position

Second Step –

इस अवस्था में साँस निकालते हुए अंदर की ओर की ओर दबाव pressure दें। और धीरे-धीरे कमर सीधी रखते हुए पूरे धड़ को नीचे झुकाये। ध्यान रहे कि रीढ़ की हड्डी (back bone )बीच में न मोड़े –

Paschimottan-Asana-II
II-Position

Third Step –

इस पोजीशन में घुटने को बिना मोड़े ही आगे की ओर झुक जायें

और कोहनियों को जमीन पर रख कर सर को घुटने से या घुटनो के आगे  की ओर लगा ले –

Paschimottan-Asana-III
III- Position

फिर दोनों पंजो को पकड़ने का प्रयास करें। इस पोजीशन में धीरे -धीरे साँस ले और 2 मिनट तक इसी अवस्था में रहे।

Fourth Step-


अब धीरे -धीरे साँस छोड़ते हुए दोनों हांथो को ऊपर की और लाये तथा सामान्य अवस्था में हो जावें –

Yoga Normal Position
Normal Position

इस आसन को 3 से 4 बार करें।

पश्चिमोत्तानासन के लाभ-

वैसे तो पश्चिमोत्तानासन के कई लाभ है पर मुख्य रूप से यह कमर दर्द को खत्म कर देता है।

ये आसन आपको फ्लेक्सिबल बनाता है और आप ऊर्जावान भी महसूस करते हैं।

यह आसन बवासीर के रोग  को दूर करता है।

ये आसन महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है , इसको करने से महावारी के दौरान होने वाली पीड़ा से आराम मिलता है ।


ये आसन वजन काम करने मं अत्यंत मदद करता है इस आसन को आपको नियमित रूप से करना चाहिए ।

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