Corona Infection Below 45….Happy Hypoxia

कोरोना का ऐसा रुप जिससे कि लोग अनजान हैं। 45 वर्ष से कम आयु वाले व्यक्ति जिनमे कोरोना होते हुए भी कोई लक्षण नही दिखाई देता है।उनसे पूछने पर कैसे हो तो वो अपने आप को एकदम फिट बताते हैं वो इन्फेक्टेड होते हुए भी अपने आप को स्वस्थ समझते हैं।

Happy Hypoxia क्या है?

45 वर्ष से कम आयु वाले लोग जिनमे कोरोना का कोई भी लक्षण नही दिखाई देता। उनका ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है, पर पता नही चलता कि वो इन्फेक्टेड हैं ,कोरोना के इस वैरिएंट को हम Happy Hypoxia कहते हैं

जब कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित होता है तो उसमें सामन्यतः दो लक्षण दिखाई पड़ते है पहला बुखार आना तथा दूसरा ऑक्सीजन लेवल कम होना ।ऑक्सीजन लेवल कम होने वाली इस स्टेज को Hypoxia कहते है ।

जब हमारे शरीर का ऑक्सीजन लेवल कम होता है तब व्यक्ति को हफ्फन होती है सांस फूलती है,शरीर नीला पड़ सकता है,पसीना आ सकता है , जब शरीर का ऑक्सीजन लेवल 92 से 94 होता है तब इस स्टेज को Hypoxia कहते हैं।

अब ये Happy Hypoxia क्या है ये बहुत ही गंभीर समस्या है ।ये प्रॉब्लम 45 साल से कम आयु वाले लोगो मे देखी जाती है जिनको पता ही नही चलता कि वो इन्फेक्टेड हैं।

जब कोरोना किसी यंग इंसान को इन्फेक्ट करता है तो उसकी इम्युनिटी स्ट्रांग होती है तो उसमें कोरोना संक्रमण के लक्षण नही दिखते दूसरी तरफ अगर कोरोना किसी बुजुर्ग को संक्रमित करता है तो उसकी इम्युनिटी कमजोर होने की वजह से बुखार, साँस फूलना, खाँसी, बदन दर्द आदि लक्षण दिखते है ।

जबकि 45 वर्ष की आयु वाले व्यक्तिओं की इम्युनिटी स्ट्रांग होने की वजह से उनमे ये लक्षण नही दिखाई पड़ते हैं।तो जब कोरोना 45 वर्ष या उससे कम आयु वाले व्यक्तिओं को संक्रमित करता है तब उनको पता ही नही चलता पर जब उनका पल्स ऑक्सीमेटर से ऑक्सीजन लेवल चेक किया जाता है तो वो 70,80 या 85 आता है जो कि बहुत ही कम होता है ।

स्ट्रांग इम्युनिटी होने की वजह से इंसान नही समझ पाता कि वो कोरोना संक्रमित है ,वो अपना काम आसानी से करता रहता है पर जब अचानक उसको सांस लेने में दिक्कत होती है तब उसका ऑक्सीजन लेवल चेक किया जाता है जिसमे व्यक्ति का ऑक्सीजन लेवल 70 या 80 निकलता है ।

ऐसी स्थिति में जब मरीज को अस्पताल ले जाया जाता है, तब पता चलता कि इसका तो ऑक्सीजन लेवल कम है, सिटीस्कैन में पता चलता है कि मरीज के फेफड़े इन्फेक्टेड हैं। फेफड़ों में पैचेज पड गए हैं ,तब डॉक्टर बताते हैं ,इसको तो Happy Hypoxia हुआ है ।वेंटीलेटर पर मरीज की रिकवरी बहुत ही मुशकिल होती है, अंततः रोगी की मृत्यु हो जाती है ।

बुजर्ग मरीज में ऑक्सीजन लेवल 94 होने पर उनकी साँस फूलने लगती है जबकि यंग ऐज वालो की इम्युनिटी स्ट्रांग होती है । उनका ऑक्सीजन लेवल कम होने पर भी उनको पता नही चलता कि उनके फेफड़े खराब हो रहे हैं ।

इसलिए आप जब भी कभी बाहर जाए तो डबल मास्क लगाकर जायें और वापस आने पर अपना ऑक्सीजन लेवल जरूर चेक करें। अगर आपका ऑक्सीजन लेवल 95 से कम आता है तो आप डॉक्टर से सम्पर्क करें।

घर पर आपके पल्स ऑक्सी-मीटर होना चाहिए । जिससे आप समय -समय पर अपना व अपने परिवार का ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें।

यंग लोगो को हर दिन अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करना चाहिए।

कोरोना के नए-नए वेरियंट तथा स्ट्रेन आ रहें है अब बुखार आना या साँस फूलना इन लक्षणों के साथ-साथ कोरोना के जो नए वेरियंट हैं उनमे तरह-तरह के लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं। जैसे लाल चक्कते पड़ना,रैशेज पड़ना ,जोड़ो में दर्द होना,दस्त,डायरिया, आँखें लाल होना अगर आप को ये लक्षण दिखाई दे तो आप कोरोना संक्रमित हो सकते है ,ये लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सम्पर्क करें।

आप अपना बहुत ज़्यादा ध्यान रखें ।इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगो मे शेयर करें ताकि ये जानकारी सबको मिल सके धन्यवाद।

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