Dybbuk Movie Review : इमरान  हाशमी की एक और हॉरर फ़िल्म

फ़िल्म चेहरे के बाद इमरान हाशमी की ये हॉरर फिल्म है जो कि देखने लायक है ,इसमे हॉरर के साथ साथ आपको सोचने पर भी मजबूर कर देगी कि क्या ऐसा हो सकता है जिससे ये आपको रियल भी लग सकती है ,जो लोग ऐसी हॉरर फिल्म देखना चाहते हैं उनको ये फ़िल्म अच्छी लगेगी।

कहानी

स्टोरी

फ़िल्म की कहानी एक फ्यूनरल से स्टार्ट होती है ।जँहा एक एंटीक शॉप डीलर अपनी शॉप पर पहुँच कर अपने यँहा काम करने वाले वर्कर का इंतज़ार कर रहा होता है,उसके आते ही वो घर जाते हुए कहता है दुकान का दरवाजा सही से बंद कर ले ,अब शॉप में वो होता है जँहा उसकी नज़र dybbuk पर पड़ती है उसके बाद वो उसे खोल देता है ,और उस dybuuk से उसकी मौत हो जाती है।

दूसरे सीन में सैम(इमरान हाशमी) अपने एक नई जॉब मिलने के बाद पत्नी माही (निकिता दत्ता) के साथ मुंबई से मॉरीशस निकलने की तैयारी करते  हुए दिखाये जाते हैं।मोरिशस पहुँच कर माही वँहा दोनों रहने लगते है ,फिर माही अपने घर को सजाने के लिए कुछ सामान के साथ एंटीक शॉप से वो dybbuk अपने घर ले आती है ,जँहा वो भी उसे ओपन कर देती है,जिसके बाद उस dybbuk  में रहने वाली आत्मा माही को पोजेस कर लेती है,अब आगे क्या होता है ये जानने के लिए आप फ़िल्म जरूर देखें।

ऐक्टिंग

इमरान हाशमीने ने बहुत अच्छा काम किया है निकिता दत्ता ने भी अच्छा काम किया है ।

कुल मिलाकर फ़िल्म की कहानी अच्छी है।फ़िल्म के डाइरेक्टर जय के ने मलयालम फ़िल्म एजरा (Ezra) का हिंदी रीमेक बनाया है जो कि एक बेहतरीन फ़िल्म है उसका हिंदी रीमेक भी अच्छा बना है।

अगर आपको हॉरर फिल्में पसंद हैं तो ये  हॉरर फिल्म आपको जरूर देखनी चाहिए।

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