Cyber crime & type-

साइबर क्राइम क्या है ? What is Cyber Crime ?-

कंप्यूटर और इंटरनेट की मदद से ऑनलाइन होने वाले अपराध साइबर क्राइम कहलाते हैं और करने वाला हैकर या साइबर क्रिमनल कहलाता है।

कंप्यूटर और इंटरनेट की मदद से ऑनलाइन होने वाले अपराध साइबर क्राइम कहलाते हैं और करने वाला हैकर या साइबर क्रिमनल कहलाता है।हम लोग कंप्यूटर युग में जी रहे है। बड़े से बड़ा काम भी आसानी से कंप्यूटर की मदद से सेकंडो में हो जाता है यंहा तक की ऑनलाइन मनी ट्रांसफर की भी सुविधा हो गई है। ऐसे में अपने पैसे और अपने डाटा को सेफ रखना एक चुनौती बन चुकी है। दुनिया भर में सुरक्षा और जांच एजेंसियां साइबर अपराधों को गंभीरता से ले रही हैं।हजारो लोग दिन रात बस डाटा बचाने के काम में लगे रहते है।

आजकल लोग घर में घुसकर चोरी करने के बजाए कंप्यूटर के द्वारा चोरियां करते हैं । किसी की वेबसाइट को हैक करना या डेटा को ऑनलाइन चुराना ये सभी तरीके साइबर क्राइम की श्रेणी में आते हैं। कंप्यूटर और इंटरनेट के जरिए किए जाने वाले अपराधों के लिए साइबर लॉ या साइबर कानून के तहत अपराधी को जुर्माने से लेकर उम्र कैद तक की सज़ा का प्रविधान है।

1 – Online डेटा की चोरी

कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट यूजर को हमेशा सतर्क रहना चाहिए , उनको पता होना चाहिए कंही वो जाने-अनजाने में कोई साइबर क्राइम तो नही कर रहें हैं ।

किसी व्यक्ति ,कंपनी या संगठन की सूचना , information या डाटा बिना उसकी इजाज़त के लेना चोरी होती है। और ये चोरी जब कंप्यूटर और इंटरनेट की मदद से होती है इसे हम online डेटा की चोरी कहते हैं और ये साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है। साइबर लॉ के तहत इसमें अपराध की गंभीरता के अनुसार 1 से तीन साल तक सज़ा व 3 लाख का जुर्माना हो सकता है।

2 – Online हैकिंग

इंटरनेट का गलत इस्तेमाल करके ,किसी की वेबसाइट या उसके कंप्यूटर को हैक करना ऑनलाइन हैकिंग कहलाता है। और ये साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। कंप्यूटर नेटवर्क में घुसपैठ करना और डेटा से छेड़छाड़ करना या उसे चुरा लेना अत्यंत गंभीर अपराध है। साइबर कानून के तहत अपराध सिद्ध होने पर तीन साल तक की जेल या पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

3 – Pornography (पोर्नोग्राफी) अशलील साहित्य

प्रोन वीडियो , प्रोन साहित्य इससे जुडी कोई भी सामग्री जो की अशलीलता दिखाए ,चाइल्ड प्रोनोग्राफी आज कल बहुत बढ़ती जा रही है ,प्रोन वीडियो या प्रोन साहित्य पढने से रेप जैसी घटनाये बढ़ती है, जो हमारे समाज को खोखला कर रही हैं। ये बहुत ही चिंतनीय विषय है ,आज कल इंटरनेट पे सबसे ज्यादा प्रोन वीडियो , प्रोन साहित्य व इनसे जुडी सामग्री किसी न किसी रूप से लोगो तक पहुंच रही है।

सरकार ऐसी ऑनलाइन वेबसाइट को ब्लॉक भी कर देती है ,मगर वेबसाइट owner उसी प्रोन वेबसाइट की दूसरी वेबसाइट क्रिएट करके उसे फिर से publish कर देते हैं , आज कल स्मार्ट फ़ोन पे आसानी से ये प्रोन वीडियो सक्रिय हैं ,छोटे- छोटे बच्चे जो कि अभी बहुत छोटे हैं वो भी पढाई लिखाई छोड़ कर ये सब देखते रहते हैं ,उनको शायद पता नहीं ये सब साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है। सरकार को भी ठोस कदम उठाने चाहिए केवल साइट्स ब्लॉक करने से काम नहीं चलेगा। सरकार को चाहिए कि मोबाइल कंपनी से संपर्क कर ऐसे App डेवलप करे जायें जो अश्लील वीडियो देखने वालो को या उनको फैलाने वालो को तुरंत ट्रैक किया जा सके , ये हो सकता है आसानी से बस नियत चाहिए। खैर इसपर अलग से एक ब्लॉग लिखने की आवश्यकता है ।

साइबर क्राइम कानून के अंतर्गत पहली गलती पर पांच साल तक की सजा या दस लाख रुपये तक जुर्माना दूसरी बार पाए जाने पर सात साल की सजा होती है।

4 – Email Spoofing & फ्रॉड कॉल ,स्पैम मेल

किसी व्यक्ति का email address का इस्तेमाल करते हुए गलत इरादे से दूसरों को ई-मेल भेजना साइबर क्राइम है। हैकिंग, फिशिंग, स्पैम और वायरस-स्पाईवेयर फैलाने के लिए इस तरह के फ्रॉड का इस्तेमाल किया जाता है। इनका मकसद गोपनीय जानकारियां हासिल करना होता है जैसे बैंक खाता नंबर, क्रेडिट कार्ड नंबर, ई-कॉमर्स साइट का पासवर्ड आदि। ऐसी गोपनीय जानकारी लेना ही फ्रॉड कॉल , फ्रॉड स्पैम ईमेल का मुख्य उद्धेश्य होता है । साइबर क्राइम कानून में अपराधी को  तीन साल तक की सज़ा या जुर्माना होता है जो कि कम है।

5 -Trolling या ऑनलाइन किसी को गाली देना

आज कल आपने सुना या देखा ही होगा कि किसी महिला या लड़की को कोई ऑनलाइन परेशांन करता है ,गंदे message भेजता है ,तब ऐसे अपराध साइबर क्राइम के श्रेणी में आते हैं। गलत तरह से ट्रोल करना , किसी की धार्मिक भावना को दूषित करना ये सब ऑनलाइन करके वायरल करना ये सारे कृत्य अपराध की श्रेणी में आ जाते हैं ऑनलाइन होने की वजह से ये सब साइबर क्राइम में आ जाता है। जिसके लिए साइबर क्राइम के अनुसार 3 साल तक की सज़ा या जुर्माना होता है।

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