Corona Vaccine लगवाने से पहले ये जाने

देश मे कोरोना संक्रमण के साथ वैक्सीनशन का काम भी तेजी से चल रहा है।1 मई 2021 से 18 साल से ऊपर वाले लोगो को भी वैक्सीन लगने का काम शुरू हो जाएगा।ऐसे में वैक्सीन को लेकर लोगो मे भ्रम भी बहुत ज्यादा है ।आइए जानते है –

वैक्सीन को लेकर लोगो मे डर है उससे होने वाले साइडइफेक्ट के डर से लोग चिंतित हैं।

जब से भारत मे कोरोना वैक्सीनशन शुरू हुई तब से अबफवाहों का दौर भी शुरू हो गया।जैसे वैक्सीन सुरक्षित नही है,वैक्सीन लगवाने के बाद लोगो की मृत्यु हो जाती है आदि अफवाहों को सुनने से लोग घबराये हुए हैं । वे सोंच में हैं कि कौन सी वैक्सीन सुरक्षित होगी।

किन लोगों के लिए वैक्सीन लगवाना सुरक्षित होगा।

कोरोना वैक्सीन की कॉवैक्सिन नामक वैक्सीन को भारत बायोटेक ने बनाया है।भारत बायोटेक की  वैक्सीन किन लोगों को लगानी या  नही लगवानी चाहिए,इस बात पर भारत बायोटेक ने अपनी फैक्ट शीट में कहा है कि यदि किसी को भी किसी विशेष ingredients से प्रॉब्लम है तो वो ये कोवैक्सीन न लगवाये ।

पहले डोज़ के बाद अगर संक्रमण या तेज बुखार आये तो इस वैक्सीन का दूसरा डोज़ ये न लें।

भारत मे लगने वाली दूसरी वैक्सीन का नाम कोविशेल्ड है ।इसे सीरम इंस्टिट्यूट ने बनाया है।इसमे भी किसी को किसी विशेष ingredients से प्रॉब्लम है तो उसको ये वैक्सीन न लगवाने की सलाह दी जाती है।

दोनो कंपनियों की फैक्ट शीट में कहा गया है कि वो अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर को सेहत सम्बन्धी सारी जानकारी दें ।अपनी मेडिकल कंडीशन एलर्जी की दिक्कत सभी सूचनाएं वैक्सीन लगवाने से पहले उपलब्ध कराएं।

फैक्ट शीट में ये भी कहा गया है कि गर्भवती महिलाएं या ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं वैक्सीन लगवाने से पहले अपनी मेडिकल कंडीशन एलर्जी की दिक्कत सभी सूचनाएं वैक्सीन लगवाने से पहले उपलब्ध कराएं।

बुखार ,इम्युनो कोम्प्रोमाइज़ेड या कोई अन्य वैक्सीन ली हो तो उसकी सूचना भी दें ।

दोनो कंपनियों ने वैक्सीन से होने वाले साइड इफ़ेक्ट के बारे में बताया है-

इन वैक्सीन से होने वाले साइड इफ़ेक्ट में ईजेक्शन लगने वाली जगह पर सूजन,दर्द जलन,लाल खुजली होने जैसे लक्षण देखे जाते हैं।

इसके अलावा हाँथ में अकड़न, इंजेक्शन लगने वाली बाँह में कमजोरी, शरीर मे दर्द, सिरदर्द, बुखार ,बेचैनी, थकान ,चकते, मितली और उल्टी जैसे सामान्य साइड इफ़ेक्ट पाए जाते हैं।

भारत बॉयोटेक ने अपनी फैक्ट शीट में बताया कि क्लीनिकल ट्रायल में 4 हफ्ते बाद लगने वाली वैक्सीन की दूसरी डोज़ को संक्रमण के खिलाफ लड़ने में सफल पाया है ,तथा शरीर की इम्युनिटी बढ़ाई है ।

कम्पनी ने बताया कि वैक्सीन लगने के बाद इस तरह के साइड इफ़ेक्ट के लक्षण दिखना1 आम बात है ।

Disclaimer:-इस पोस्ट में दी गई जानकारी समाचार माध्यमों पर आधारित  हैं । अपनी बुद्धि तथा विवेक का उपयोग करें,कोई भी सवाल या परेशानी हो तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें ।

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