5 Percent Chance

दोस्तों डॉक्टर ने मेरे दोस्त से कहा कि आप की माँ की जान बचने के केवल 5 percent चांस हैं और अगर वो बच भी गई तो ज्यादा जी नहीं पायेंगी। मेरे फ्रैंड की माँ को लिवर सिरोसिस की बीमारी हुई। आज उसकी माँ की मृत्यु हो चुकी है आज हम इस पोस्ट में इनके इलाज और डॉक्टर्स की लापरवाही का आकलन करेंगे।

दोस्तों पहले मेरे दोस्त की माँ को कोई प्रॉब्लम नहीं थी अचानक उनको पीलीआ हुआ जिसका इलाज उन्होंने 15 दिन पहले शुरू किया दवा शुरू करते ही उनके पेट में पानी भरने लगा , अब पता नहीं किस कारन से उनके पेट में पानी भरना शुरू हुआ। ऐसा हो सकता है की उनको दवा शूट न की हो।

दिनांक 21-01-2021 को उनको एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके बाद उन्होंने अपने कुछ टेस्ट कराये जिसकी रिपोर्ट में क्रोनिक लिवर की बात निकल कर आयी फिर भी डॉक्टर ने फुल citi स्कैन के लिए कहा जोकि उनके परिजनों ने कराया।

सिटी स्कैन में साफ निकल कर आया कि माता जी को लिवर सिरोसिस है। जबकि डॉक्टर पेट में भरे हुए पानी का इलाज करता रहा और उनके परिजनों को भी पेट में पानी भरे होने तथा पीलीआ बताता रहा जबकि उसको उनको दूसरे अस्पताल में रेफेर कर देना चाहिए था।

पर वो दूसरी दवाइयों तथा नींद के इंजेक्शन से उनका इलाज करता रहा। इससे सिद्ध होता है कि MBBS डॉक्टर ने गलती की जिसका ख़ामियजा उनकी बिगड़ती हालत थी।

अब जब मेरे दोस्त ने रिपोर्ट देखी और google पे सर्च किया तब उसने उस डॉक्टर को बताया कि इनको तो लिवर सिरोसिस है। तब उस डॉक्टर ने पता नहीं क्या सोंच कर उनको लखनऊ में रेफेर किया। दोपहर के समय उनको लखनऊ के लिए रेफेर किया गया।

23-01-2021 को लखनऊ पहुँचते-पहुँचते रात के 7 बज चुके थे पहले तो अलीगंज लखनऊ के प्राइवेट अस्पताल ने उनको एडमिट करने से मना कर दिया , बाद में मेरे दोस्त ने उनके हाँथ-पैर जोड़ने पर उन्होंने एक कन्सेंट लेटर साइन कराके उन्हें भर्ती कर लिया।

इस कन्सेंट लेटर में उन्होंने लिखवाया माता जी को कुछ भी हो जाता है तो इसमें डॉक्टर और अस्पताल की जिम्मेदारी नहीं होगी।

जनरल इमरजेंसी में भर्ती करने के बाद भी उनको ट्रीटमेंट नहीं मिल रहा था डॉक्टर ने कहा पहले इनका कॅरोना टेस्ट होगा।

डॉक्टर्स साथ में ये भी कहे जा रहे थे कि इनको ICU में भर्ती करना है पर वो कर नहीं रहे थे।

अब कॅरोना रिपोर्ट के आने में 24 घंटे की बात डॉक्टर ने बताई तो इसमें किसकी गलती ?

माता जी की हालत बिगडती जा रही थी जैसे-तैसे रात बीती और दूसरे दिन उनका ऑक्सीजन लेवल कम होने लगा अब इधर डॉक्टर ने उनको इमरजेंसी ICU में शिफ्ट किया पर Main ICU में शिफ्ट करने के लिए उनको कॅरोना रिपोर्ट का इंतज़ार था जो कि 20 घंटे बीत जाने पर उन्होंने फ़ोन से प्राप्त की।

अब उन्होंने उनको Main ICU में शिफ्ट कर दिया जँहा उनको वेंटिलेटर पे रखा गया जैसे -जैसे टाइम बीत रहा था उनकी हालत बिगड़ रही थी

डॉक्टर ने कहा उनके फेफड़ो में पानी भर गया है , किडनी काम नहीं कर रही है, ऑक्सीजन भी नहीं पास हो पा रही है अब तक उनको 2 हार्ट अटैक आ चुके थे जिन्हे डॉक्टर ने पेसमेकर से रिकवर किया था दिनांक 25-01-2021 को शाम को 7 बजे डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

लिवर सिरोसिस एक लाइलाज बीमारी है इसका एक मात्र इलाज लिवर ट्रांसप्लांट ही है वो भी समय रहते और 50 साल तक की आयु वाले मरीजों के लिए ही लिवर ट्रांसप्लांट संभव है।

समय रहते बॉडी का checkup कराते रहें

सबसे पहले सरकारी अस्पताल ले जाएं वँहा अनुभवी डॉक्टर्स होते हैं ,प्राइवेट अस्पताल पे ज्यादा भरोसा करना ठीक नहीं है।

सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट हर जगह मान्य होती है जबकि प्राइवेट अस्पताल की रिपोर्ट दूसरा प्राइवेट अस्पताल नहीं मानता इससे आप अपने समय का नुकसान करते हो जोकि मरीज के लिए ठीक नहीं

डॉक्टर्स या कोई स्कैन रिपोर्ट हो उसको आप गूगल सर्च द्वारा क्रॉस वेरीफाई जरूर करें ताकि डॉक्टर्स आपको बेवकूफ न बना पाए और समय रहते आप अपने परिजनों का ठीक से इलाज करा सके।

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