Black Fungus or Mucormycosis during CORONA

कोरोना की वजह से मौत बस अब एक आकंड़ा बन कर रह गई है ।लाशो के लिए लकड़िया कम पड़ रही हैं।हम कोरोना से लड़ने में असहाय दिखते पड़ रहे हैं ऐसे में ब्लैक फंगस जैसे संक्रमण और चिन्ता बढ़ा रहे हैं

कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते ही जा रहे हैं, और तीसरी लहर किसी भी आ सकती है।

देश कोरोना के बुरे दौर से गुजर रहा है। अभी संक्रमण पर काबू भी नहीं पाया जा सका था कि ऐसे में डरा देने वाली कुछ और समस्याएं सामने आ रही हैं। देश के अलग अलग राज्यों के अस्पतालों से एक रहस्यमय संक्रमण के मामले देखे जा रहे हैं।

इसे ब्लैक फंगस बताया जा रहा है। इस संक्रमण की वजह से कोविड मरीजों की स्थिति गंभीर हो रही है। इसे श्लेष्मा या Mucormycosis के नाम से जाना जा रहा है।

कोरोना से ठीक हो रहे या ठीक हो चुके लोगों को यह संक्रमण हो सकता है।

कमजोर इम्यूनिटी वालों के लिए यह संक्रमण खतरा बना हुआ है।

नाक से शुरू होने वाला यह इन्फेक्शन आंखों और मस्तिष्क तक भी पहुंच जाता है, इतना ही नहीं यह कैंसर की तरह जानलेवा भी हो सकता है।

कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है।

शुगर के मरीजों पर एक नया खतरा हमला कर रहा है।

लक्षण- ब्लैक फंगल इंफेक्शन से प्रभावित लोगों की आंख में दर्द और लालीपन या नाक में दर्द के साथ बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, खून की उल्टी तथा मानसिक स्थिति ठीक न होना जैसे लक्षण दिखते हैं।

इससे ग्रस्त रोगियों में आंखों के आसपास सूजन आ जाती है।

सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या भी हो सकती है।

खांसी, बुखार, उल्टी होना और पेट में दर्द जैसी शिकायतें भी इसके लक्षण में आते हैं।

स्किन में इंफेक्शन होने पर कालापन आ जाता है। यह फंगस रोगियों के दिमाग पर भी गहरा असर डालता है।

अगर आपको यह फंगल इंफेक्शन हो गया है तो इसकी वजह से आपको गाल की हड्डी में दर्द हो सकता है। यह एक तरफ या दोनों तरफ हो सकता है, यह इस फंगल इंफेक्शन के शुरुआती लक्षण है।

बाद में इस इंफेक्शन की वजह से कई चेहरे पर घाव भी बन सकते हैं।

इसके अलावा कई स्किन से संबंधित कई दूसरी समस्याओं को भी यह इंफेक्शन जन्म दे सकता है।

इसके कारण आंखों में सूजन और रोशनी भी कमजोर पड़ सकती है। इसके अलावा आंखों का लाल होना भी इस फंगल इंफेक्शन के मुख्य लक्षणों में से एक है।

Note-कोरोना के इलाज के दौरान रोगियों को बहुत ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड दिया जाता है जिसके चलते उनकी इम्यूनिटी पर बुरा असर पड़ रहा है। संक्रमण का मुख्य कारण फिलहाल यही है।

कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को सुबह हल्की धूप में बैठना चाहिए।

इसके अलावा विटामिन्स और मिनरल्स का सेवन करने से भी इम्यूनिटी को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

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